के बारे में
माईगव और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण प्रभाग केंद्र यानी नेशनल सेंटर फ़ॉर वेक्टर बोर्न डिसीज़ कंट्रोल डिवीज़न (NCVBDC) ने लिम्फैटिक फाइलेरियासिस (हाथीपाँव) पर एक पोस्टर डिज़ाइन करने और स्लोगन लिखने के लिए भारत भर के कक्षा 6 से 8, और 9 से 12वीं तक के छात्रों और विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को आमंत्रित किया है।
लिम्फैटिक फाइलेरियासिस (LF), जिसे एलिफेंटियासिस या हाथीपाँव के नाम से भी जाना जाता है, एक विकृत करने वाली और अक्षम करने वाली बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर माइक्रोफ़ाइलेरिया नामक बीमारी फैलाने वाले परजीवी को मानव शरीर में फैलाने के लिए ज़िम्मेदार है। इस परजीवी को शरीर में विकसित होने में कई साल लग जाते हैं और मच्छर के काटने के 5-15 साल बाद लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लिम्फैटिक फाइलेरियासिस के लक्षणों में हल्का बुखार, पैरों, जननांगों और हाथों में सूजन शामिल है।
LF को रोकने के लिए, यह सलाह दी जाती है कि मच्छरों के काटने से बचें और अपने आस-पास मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करें। बेडनेट का इस्तेमाल और पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनने से मच्छरों के काटने से बचने में मदद मिलती है। अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखने से मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
नाली या सीवर में पानी जमा न होने दें
निचले इलाकों में पानी जमा न होने दें
छोटे-बड़े गड्ढों में पानी जमा न होने दें
लार्वाभक्षी गंबूसिया मछली को तालाबों और जलाशयों में छोड़ें
मानव शरीर में माइक्रोफ़ाइलेरिया की प्रगति को रोकने और LF रोग को गंभीर स्थिति तक पहुँचने से बचाने के लिए, मरीज़ों और आम लोगों को मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियानों के अनुपालन और बुनियादी स्वच्छता पर शिक्षा की ज़रूरत है। MDA अभियान के दौरान लोगों को साल में एक बार फ़ाइलेरियासिस रोधी दवा ज़रूर खानी चाहिए।
भारत सरकार का स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, लिम्फोएडेमा से पीड़ित लोगों को ख़ुद की देखभाल के लिए रुग्णता प्रबंधन और विकलांगता रोकथाम यानी मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रिवेंशन (MMDP) किट उपलब्ध कराता है।
सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में हाइड्रोसील के मरीज़ों के लिए मुफ़्त सर्जरी उपलब्ध है।
इस संदर्भ में, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र यानी नेशनल सेंटर फ़ॉर वेक्टर बोर्न डिसीज़ कंट्रोल (NCVBDC) mygov.in वेब पोर्टल के ज़रिये बताए गए विषय पर अखिल भारतीय पोस्टर और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है।
सहभागिता के लिए निर्देश
CBSE से मान्यता प्राप्त स्कूल, जिनमें केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ ओपन स्कूलिंग शामिल हैं, और सभी स्टेट बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्र इस अभियान में भाग ले सकते हैं और माईगव पोर्टल पर बेहतरीन पोस्टर डिज़ाइन और स्लोगन सबमिट कर सकते हैं। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में लिम्फैटिक फाइलेरियासिस के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
प्रतिस्पर्धा अवधि |
10 जुलाई 2024 से 15 सितंबर 2024 तक |
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लक्षित प्रतिभागी |
भारत भर के स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्र |
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भागीदारी की श्रेणियां |
श्रेणी I |
कक्षा 6-8 |
श्रेणी II |
कक्षा 9वीं-12वीं |
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श्रेणी III |
उच्च शिक्षा (विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के UG, PG के छात्र) |
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थीम/विषय |
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एंट्रीज के लिए दिशा-निर्देश |
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चयन मानदंड |
भाषा, रचनात्मकता, लिखने का कौशल, सरलता, थीम/विषय के साथ तालमेल |
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चयन के लिए कार्यप्रणाली |
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समय सीमा
शुरू करने की तारीख : | 10 जुलाई 2024 |
अंतिम तारीख: | 15 सितंबर 2024 |